अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के करीबी सहयोगी और काउंटरटेररिज्म अधिकारी Joe Kent ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और Iran के बीच तनाव युद्ध में बदल चुका है।
जो केंट ने अपने इस्तीफे के पीछे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ शुरू किया गया यह युद्ध अमेरिका की सुरक्षा जरूरतों के आधार पर नहीं, बल्कि Israel के दबाव में लिया गया फैसला है।
केंट के अनुसार, ईरान अमेरिका के लिए तत्काल खतरा नहीं था और इस युद्ध में शामिल होना “अनावश्यक और जल्दबाजी में लिया गया निर्णय” है।
ट्रंप की नीति पर उठाए सवाल
अपने बयान में जो केंट ने सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “America First” की नीति, जो ट्रंप की पहचान रही है, इस फैसले के साथ कमजोर पड़ती नजर आ रही है।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यह स्थिति कहीं न कहीं पुराने Iraq War जैसी गलती को दोहरा सकती है, जहां बाद में फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
ट्रंप का जवाब
इस्तीफे के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जो केंट को “कमजोर” बताते हुए कहा कि ईरान को हल्के में लेना अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकता है।
ट्रंप के मुताबिक, ईरान क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर एक बड़ा खतरा बना हुआ है और उसके खिलाफ सख्त कदम जरूरी हैं।
रिपब्लिकन और MAGA खेमे में दरार
इस घटनाक्रम के बाद रिपब्लिकन पार्टी और MAGA समर्थकों के बीच मतभेद साफ दिखाई देने लगे हैं। जहां कुछ नेता ट्रंप के फैसले का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कई लोग अब इस युद्ध को लेकर सवाल उठा रहे हैं।