पूर्णिया (बिहार), 15 सितम्बर 2025:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के सीमांचल क्षेत्र के पूर्णिया जिले से विकास की एक नई शुरुआत की। अपने एकदिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने करीब ₹36,000 से ₹40,000 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें पूर्णिया हवाईअड्डे का नया सिविल एन्क्लेव (इंटरिम टर्मिनल), राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना, 40,000 से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के घरों का वितरण, महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹500 करोड़ की सहायता, 2400 मेगावाट का बिजली संयंत्र, रेल परियोजनाएं और सड़क कनेक्टिविटी योजनाएं शामिल हैं।
यह दौरा न केवल विकास की दृष्टि से, बल्कि आगामी बिहार विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पूर्णिया हवाईअड्डे का उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी ने आज पूर्णिया हवाईअड्डे के नए सिविल एन्क्लेव के अंतरिम टर्मिनल भवन का औपचारिक उद्घाटन किया।
- यह सीमांचल क्षेत्र (पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार आदि) की वर्षों पुरानी मांग थी।
- अब यहां से जल्द ही कोलकाता, अहमदाबाद समेत अन्य शहरों के लिए वाणिज्यिक उड़ानें UDAN योजना के तहत शुरू होंगी।
- इससे न केवल व्यापार, बल्कि स्वास्थ्य व शिक्षा के लिए भी आवागमन आसान होगा।
राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना

पीएम मोदी ने इस दौरे पर राष्ट्रीय मखाना बोर्ड (National Makhana Board) की भी शुरुआत की।
- यह बोर्ड मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन, ब्रांडिंग और निर्यात को बढ़ावा देगा।
- बिहार देश के 90% मखाना का उत्पादन करता है, इसलिए यह बोर्ड यहां के लाखों किसानों के लिए वरदान साबित हो सकता है।
- बोर्ड किसानों को बाजार से बेहतर दाम दिलाने और कृषि-प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने का कार्य करेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY – Gramin)
- मोदी ने मंच से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बने 40,000 से अधिक मकानों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपीं।
- इन मकानों पर लगभग ₹600 करोड़ का खर्च हुआ है।
- यह “गृह प्रवेश” कार्यक्रम गरीब परिवारों को पक्का घर देने की दिशा में बड़ी पहल है।
महिला सशक्तिकरण: DAY-NRLM योजना
- पीएम मोदी ने दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹500 करोड़ की सामुदायिक निवेश निधि सौंपी।
- इस राशि से महिलाएं स्वरोजगार, लघु उद्योग और छोटे व्यवसाय शुरू कर सकेंगी।
- मोदी ने कहा कि “बिना महिलाओं की भागीदारी के आत्मनिर्भर भारत असंभव है।”
ऊर्जा व औद्योगिक परियोजनाएं
- पीएम मोदी ने भागलपुर के पीरपैंती क्षेत्र में 3×800 मेगावाट (कुल 2400 मेगावाट) की थर्मल पावर परियोजना की आधारशिला रखी।
- इस परियोजना में लगभग ₹25,000 करोड़ का निवेश होगा।
- इसके शुरू होने से बिहार की बिजली आपूर्ति में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
रेल और सड़क कनेक्टिविटी
- मोदी ने सीमांचल क्षेत्र में नई रेल परियोजनाओं और रेल लाइनों का शिलान्यास भी किया।
- कई नई रेल सेवाएं शुरू करने की भी घोषणा की गई, जिससे दूरदराज़ के इलाकों में आवागमन आसान होगा।
- हवाईअड्डे से जुड़ने वाली नई लिंक सड़कें और मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण भी योजना का हिस्सा हैं।
नीतीश कुमार का बयान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा करते नजर आए। उन्होंने कहा:
“प्रधानमंत्री जी का बिहार आगमन हमारे लिए गौरव का क्षण है। आज जो विकास योजनाएं शुरू की गई हैं, वे न केवल सीमांचल बल्कि पूरे बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बिहार को एक विकसित राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्प हैं। हवाईअड्डा, मखाना बोर्ड, ऊर्जा परियोजनाएं और महिलाओं के लिए योजनाएं बिहार के विकास के नए युग की शुरुआत करेंगी।”
नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि “बिहार को जो विशेष पैकेज मिला है, उससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।”
कुल निवेश और लाभार्थी
- आज घोषित परियोजनाओं की कुल लागत लगभग ₹36,000 से ₹40,000 करोड़ बताई जा रही है।
- इनसे रोजगार, आधारभूत ढांचा, कृषि, महिला सशक्तिकरण, ऊर्जा और ग्रामीण आवास को सीधा लाभ मिलेगा।
- लगभग 40,000 से अधिक परिवारों को आवास, लाखों किसानों को मखाना बोर्ड, और हजारों महिलाओं को स्वरोजगार सहायता से लाभ होगा।
राजनीतिक महत्व
- पूर्णिया सीमांचल क्षेत्र का हिस्सा है, जो अब तक विकास से वंचित रहा है।
- यहां मुस्लिम बहुल आबादी और पिछड़े वर्गों की बड़ी जनसंख्या है, जहां भाजपा की राजनीतिक पकड़ अपेक्षाकृत कमजोर रही है।
- इसलिए प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा चुनाव से पहले इस क्षेत्र में राजनीतिक आधार मजबूत करने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है।
- पीएम मोदी ने रैली में कहा — “सीमांचल अब पिछड़ा नहीं, उन्नत बिहार का अगुआ बनेगा।”
सुरक्षा और तैयारियां
- प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए पूर्णिया और आसपास के जिलों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई।
- राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर 24 घंटे तक भारी वाहनों का आवागमन बंद रखा गया।
- हजारों की संख्या में कार्यकर्ता, लाभार्थी और आम जनता रैली में शामिल हुए।
संभावित असर
- रोजगार: बिजली संयंत्र, एयरपोर्ट, सड़क-रेल परियोजनाएं सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नौकरियां पैदा करेंगी।
- कृषि: मखाना बोर्ड से किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण और निर्यात में मदद मिलेगी।
- महिला सशक्तिकरण: DAY-NRLM योजना के तहत मिलने वाली राशि से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ेगी।
- आवास: PMAY के मकान गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन देंगे।
- कनेक्टिविटी: हवाई और रेल सेवाओं से सीमांचल के लोग देश के अन्य हिस्सों से जुड़ सकेंगे।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
- विपक्षी दलों ने इस दौरे को चुनावी स्टंट बताते हुए आलोचना की है।
- राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि “विकास की बातें हर चुनाव से पहले होती हैं, पर अस्पताल, स्कूल, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण जैसी मूलभूत समस्याएं जस की तस हैं।”
- उन्होंने पूछा कि “क्या केंद्र सरकार इन योजनाओं को धरातल पर उतारने की गारंटी भी देगी?”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूर्णिया दौरा सीमांचल क्षेत्र के लिए विकास का नया अध्याय साबित हो सकता है।
- हवाईअड्डा, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड, 2400 मेगावाट बिजली परियोजना, रेल व सड़क कनेक्टिविटी,
- 40,000 आवासों का वितरण, और महिलाओं को ₹500 करोड़ सहायता जैसी योजनाएं यहां के आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा तय करेंगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शब्दों में — “आज का दिन बिहार के लिए ऐतिहासिक है, और आने वाले वर्षों में इसके परिणाम हर गांव और हर घर तक पहुंचेंगे।”
Good job, Deepika