लंदन: विंबलडन 2026 के पहले दौर में एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना देखने को मिली, जब पोलैंड की टेनिस खिलाड़ी माजा च्वालिंस्का मैच जीतने से महज एक अंक दूर थीं, लेकिन मैच प्वाइंट पर फिसलने के बाद उन्हें न सिर्फ चोट लगी बल्कि मुकाबला भी गंवाना पड़ा।
च्वालिंस्का ने मुकाबले की शानदार शुरुआत करते हुए पहला सेट 6-2 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में भी वह 5-2 की बढ़त पर थीं और उनके पास मैच खत्म करने का सुनहरा मौका था। लेकिन मैच प्वाइंट के दौरान बेसलाइन के पीछे दौड़ते समय उनका पैर घास पर फिसल गया, जिससे उनके टखने में चोट लग गई।
चोट के बाद मेडिकल टीम तुरंत कोर्ट पर पहुंची और च्वालिंस्का का उपचार किया गया। मेडिकल टाइमआउट के बाद उन्होंने मुकाबला जारी रखने की कोशिश की, लेकिन उनकी मूवमेंट पहले जैसी नहीं रही। इसका फायदा उठाते हुए थाईलैंड की खिलाड़ी मननचाया सावंगकाएव ने शानदार वापसी की।
सावंगकाएव ने लगातार बेहतर खेल दिखाते हुए दूसरा सेट 7-5 से जीता और निर्णायक तीसरे सेट में 6-2 से जीत दर्ज कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस तरह उन्होंने 2-6, 7-5, 6-2 से मैच जीतकर विंबलडन में यादगार जीत हासिल की।
यह मुकाबला विंबलडन 2026 के सबसे भावुक और नाटकीय मैचों में से एक माना जा रहा है। जीत से सिर्फ एक अंक दूर पहुंचने के बाद चोट के कारण मैच गंवाना किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद निराशाजनक होता है। वहीं, सावंगकाएव ने कठिन परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की।