लोकतंत्र सेनानियों के साहस और बलिदान को किया नमन
नई दिल्ली, 25 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1975 के आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश उन लोगों के योगदान को सदैव याद रखेगा जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज़ उठाई।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक ऐसा दौर था, जब नागरिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अनेक प्रतिबंध लगाए गए थे। इसके बावजूद अनेक लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए साहसपूर्वक संघर्ष किया।
युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने युवाओं से संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के महत्व को समझने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की जागरूकता और संविधान के प्रति सम्मान पर निर्भर करती है।
देशभर में आयोजित हुए स्मरण कार्यक्रम
इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने लोकतंत्र, स्वतंत्रता और संविधान की रक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।