नवरात्रि क्यों मनाई जाती है
नवरात्रि मनाने के पीछे सबसे प्रमुख कथा मां दुर्गा और राक्षस महिषासुर के युद्ध से जुड़ी है।
कहते हैं कि महिषासुर ने कठोर तपस्या करके वरदान प्राप्त किया था कि उसे कोई देवता नहीं मार सकता। इस शक्ति के घमंड में उसने स्वर्ग और पृथ्वी पर अत्याचार करना शुरू कर दिया।
तब सभी देवता मिलकर Lord Brahma, Lord Vishnu और Lord Shiva के पास गए। तीनों देवताओं की शक्तियों से मिलकर मां दुर्गा का जन्म हुआ।
मां दुर्गा और महिषासुर के बीच 9 दिनों तक भयंकर युद्ध चला और दसवें दिन देवी ने उसका वध कर दिया। यही कारण है कि नवरात्रि को अच्छाई की बुराई पर जीत के रूप में मनाया जाता है।
नवरात्रि का महत्व
- यह पर्व शक्ति और साहस का प्रतीक है
- यह सिखाता है कि सत्य की हमेशा जीत होती है
- यह समय होता है आत्मशुद्धि और नई शुरुआत का
नवरात्रि पर क्या करना होता है
1. घटस्थापना (कलश स्थापना)
नवरात्रि के पहले दिन घर में कलश स्थापित किया जाता है, जो शुभ शुरुआत का प्रतीक होता है।
2. मां दुर्गा की पूजा
हर दिन मां के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। सुबह-शाम आरती और मंत्र जाप करना चाहिए।
3. व्रत रखना
कई लोग 9 दिन या पहले और आखिरी दिन व्रत रखते हैं। इस दौरान सात्विक भोजन (फल, दूध, कुट्टू, साबूदाना) लिया जाता है।
4. साफ-सफाई और पवित्रता
घर और मन दोनों को साफ रखना जरूरी होता है। पूजा स्थान विशेष रूप से स्वच्छ होना चाहिए।
5. कन्या पूजन
अष्टमी या नवमी के दिन छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनका पूजन और भोजन कराया जाता है।
6. भक्ति और अनुशासन
इन 9 दिनों में मन को शांत रखना, सकारात्मक सोचना और भगवान में ध्यान लगाना सबसे जरूरी होता है।