अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी शनिवार को देवबंद पहुंचे और मशहूर इस्लामी शिक्षण संस्था दरुल उलूम देवबंद का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के रिश्ते आगे और मजबूत होंगे।
मुत्ताकी की ये यात्रा काफ़ी अहम मानी जा रही है क्योंकि ये तालिबान सरकार के किसी बड़े नेता की भारत में पहली खुली यात्रा है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान भारत में अपने नए राजनयिक भेजेगा और दोनों देशों के बीच बातचीत का सिलसिला तेज़ होगा।
देवबंद में हुआ स्वागत
मुत्ताकी जब दरुल उलूम पहुंचे, तो वहां मौलानाओं और छात्रों ने उनका स्वागत किया। भीड़ काफ़ी ज़्यादा हो गई थी, जिस वजह से एक बड़ा प्रोग्राम जो पहले से तय था, उसे आखिरी वक्त में रद्द करना पड़ा।
अफगानिस्तान-देवबंद का पुराना नाता
अफगान विदेश मंत्री ने कहा कि देवबंद का अफगानिस्तान से पुराना रिश्ता है। यहां से पढ़े कई लोग अफगानिस्तान में बड़े पदों पर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि ये रिश्ता और गहरा हो।
महिला पत्रकारों को लेकर विवाद
इस दौरे से एक दिन पहले दिल्ली में हुए कार्यक्रम में महिला पत्रकारों को शामिल नहीं होने दिया गया था, जिस पर विवाद भी हुआ। हालांकि, देवबंद में ऐसा कोई मामला नहीं हुआ।
भारत के साथ रिश्तों में बदलाव की उम्मीद
भारत ने अब तक तालिबान सरकार को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन इस तरह की यात्राओं से साफ है कि दोनों देश अब रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में सोच रहे हैं।