बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति शनिवार को उस वक्त हिल गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेता के.सी. वीरेंद्र के घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान ईडी अधिकारियों ने वीरेंद्र के आवास से करीब 12 करोड़ रुपये नकद और लगभग 6 करोड़ रुपये मूल्य की ज्वेलरी बरामद की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में की गई है।
छापेमारी की शुरुआत
ईडी की टीम शनिवार सुबह ही बेंगलुरु स्थित वीरेंद्र के घर पर पहुँची। छापेमारी की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षाकर्मियों ने घर को चारों तरफ से घेर लिया और अधिकारियों ने तलाशी अभियान शुरू किया। सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी लगभग 10 घंटे से ज्यादा चली, जिसमें ईडी को भारी मात्रा में कैश और आभूषण मिले।
जब नकदी को बाहर निकाला गया तो नोटों की गड्डियों के ढेर देखकर हर कोई दंग रह गया। ईडी ने मौके पर ही मशीन मंगवाई और नोट गिनना शुरू किया। देर शाम तक गिनती का काम पूरा हुआ,

जिसके बाद पता चला कि कैश की कुल कीमत करीब 12 करोड़ रुपये है। इसके अलावा सोने और हीरे से बने आभूषण भी मिले, जिनकी अनुमानित कीमत 6 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा मामला
ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज एक केस से जुड़ी है। वीरेंद्र पर आरोप है कि उन्होंने भ्रष्टाचार और अवैध लेन-देन से अर्जित काले धन को वैध बनाने की कोशिश की। ईडी अधिकारियों का मानना है कि बरामद नकदी का इस्तेमाल चुनावी खर्च और अन्य अवैध गतिविधियों में किया जाना था।
सूत्रों का कहना है कि पिछले कई दिनों से वीरेंद्र की गतिविधियों पर ईडी नजर बनाए हुए थी। उनकी वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिलते ही छापेमारी का निर्णय लिया गया।
राजनीति में भूचाल
इस छापेमारी के बाद कर्नाटक की राजनीति में भूचाल आ गया है। विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए इसे भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा सबूत बताया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस बार-बार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर खुद को पाक साफ दिखाती है, लेकिन असलियत जनता के सामने आ रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा – “कांग्रेस नेताओं के घरों से बार-बार कैश और ज्वेलरी मिलना इस बात का प्रमाण है कि उनकी राजनीति भ्रष्टाचार पर टिकी हुई है। यह जनता के पैसे की लूट है।”
वहीं कांग्रेस ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि पार्टी के कुछ नेताओं ने अनौपचारिक तौर पर कहा है कि ईडी की यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित हो सकती है।
वीरेंद्र से पूछताछ की तैयारी
ईडी सूत्रों के मुताबिक, बरामद नकदी और ज्वेलरी की पूरी डिटेल तैयार की जा रही है। जल्द ही के.सी. वीरेंद्र को पूछताछ के लिए समन भेजा जाएगा। उनसे यह पूछा जाएगा कि इतनी बड़ी राशि और कीमती आभूषण उनके घर में कैसे पहुँचे और इसका स्रोत क्या है। अगर वीरेंद्र ठोस सबूत पेश नहीं कर पाते हैं तो उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
पहली बार नहीं कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेताओं पर ईडी की कार्रवाई हुई हो। इससे पहले भी कई राज्यों में कांग्रेस नेताओं के घरों और दफ्तरों पर छापेमारी की जा चुकी है। हाल ही में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह के मामलों में करोड़ों रुपये की नकदी बरामद की गई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में चुनावी माहौल गरमाने वाला है और इस तरह की कार्रवाई से कांग्रेस की छवि पर गहरा असर पड़ सकता है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। ट्विटर और फेसबुक पर लोग लगातार कांग्रेस और भ्रष्टाचार को लेकर अपनी राय रख रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यह जनता की गाढ़ी कमाई है, जिसे नेताओं ने गलत तरीके से इकट्ठा किया है। वहीं कुछ लोग इसे ईडी की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हुए राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल ईडी ने बरामद नकदी और ज्वेलरी को जब्त कर लिया है और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ को सौंपी गई है। पूरे मामले की रिपोर्ट केंद्र को भी भेजी गई है। आने वाले दिनों में ईडी की टीम अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी कर सकती है और इस मामले में और बड़े खुलासे संभव हैं।