देश में एलपीजी संकट, कई शहरों में रसोई पर असर
देश के कई बड़े शहरों जैसे बेंगलुरु, मुंबई, पुणे, चेन्नई और कोलकाता में इन दिनों एलपीजी और प्राकृतिक गैस की भारी कमी देखी जा रही है। इस गैस संकट का असर खास तौर पर होटल, रेस्तरां और छोटे भोजनालयों पर पड़ा है, जहां रसोई चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
दरअसल पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक सप्लाई में आई रुकावटों के कारण भारत में गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है। सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गैस वितरण में बदलाव करते हुए घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
सरकार ने घरेलू जरूरतों को दी प्राथमिकता
केंद्र सरकार ने Essential Commodities Act, 1955 के तहत गैस की आपूर्ति को नियंत्रित करने का फैसला लिया है। इसके तहत उद्योगों और उर्वरक क्षेत्रों को मिलने वाली गैस में कटौती कर दी गई है ताकि घरेलू गैस, पाइप्ड गैस (PNG), सीएनजी और एलपीजी की आपूर्ति आम लोगों के लिए बनी रहे।
प्रधानमंत्री ने भी इस स्थिति की समीक्षा के लिए पेट्रोलियम और विदेश मंत्रालय के साथ बैठक की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
होटल और रेस्तरां पर सबसे ज्यादा असर
गैस की कमी का सबसे बड़ा असर होटल और रेस्तरां उद्योग पर पड़ा है। कई शहरों में रेस्तरां को लगातार दो-दो दिन तक गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। इसके कारण कई जगहों पर मेन्यू छोटा करना पड़ा है और कुछ जगहों पर होटल अस्थायी रूप से बंद भी हो गए हैं।
- मुंबई: करीब 20% होटल और रेस्तरां आंशिक या पूरी तरह बंद हो चुके हैं।
- पुणे: लगभग 100 होटल प्रभावित हुए हैं।
- बेंगलुरु: कई रेस्तरां ने गैस बचाने के लिए मेन्यू कम कर दिया है।
- चेन्नई: कई छोटे भोजनालयों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी
गैस की कमी के बीच व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी बढ़ गई है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब 1900 रुपये तक पहुंच गई है। इससे होटल और ढाबा चलाने वाले लोगों पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।
ब्लैक मार्केटिंग और घबराहट में बढ़ी बुकिंग
कई शहरों में गैस की कमी के डर से सिलेंडर की बुकिंग तेजी से बढ़ गई है। कुछ जगहों पर ब्लैक मार्केटिंग की भी शिकायतें सामने आई हैं, जहां सिलेंडर ज्यादा कीमत पर बेचे जा रहे हैं