केंद्र सरकार ने आखिरकार 8वें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से देशभर के करीब 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों में उत्साह की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 8वें वेतन आयोग के गठन के लिए Terms of Reference (ToR) को मंजूरी दी गई है।
कब से लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
सरकार की योजना है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू की जाएं।
हालांकि, कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने और सरकार को सौंपने में कुछ समय लग सकता है, इसलिए इसका वास्तविक प्रभाव 2027 या 2028 तक दिखाई दे सकता है।
कर्मचारियों की सैलरी पर क्या असर पड़ेगा?
हर वेतन आयोग के साथ केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में बड़ा बदलाव होता है।
7वें वेतन आयोग में वेतन लगभग 2.57 गुना बढ़ाया गया था। इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को बढ़ाकर लगभग 3.0 या उससे अधिक किया जा सकता है।
अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में लगभग 30-35% तक की बढ़ोतरी संभव है।
8वें वेतन आयोग की मुख्य जिम्मेदारियां
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे की समीक्षा करना।
- महंगाई भत्ता (DA) और अन्य भत्तों की पुनर्समीक्षा।
- पेंशनभोगियों (Pensioners) के लिए राहत और संशोधन के सुझाव देना।
- कार्यकुशलता, प्रदर्शन और कर्मचारियों की जीवनयापन लागत को ध्यान में रखना।
- सरकारी कर्मचारियों के लिए अनुशंसा रिपोर्ट तैयार कर केंद्र को सौंपना।
पेंशनर्स को क्या फायदा होगा?
8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की पेंशन में भी बढ़ोतरी होगी।
पेंशन की गणना नए बेसिक पे पर होगी, जिससे पेंशन और Dearness Relief (DR) दोनों में इजाफा होगा।
कब तक आ सकती है रिपोर्ट?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 12 से 18 महीने का समय दिया जाएगा।
अगर आयोग समय पर रिपोर्ट सौंप देता है, तो सरकार 2026 की शुरुआत में इसे लागू करने की तैयारी कर सकती है।