अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि इजरायल को गाजा पर बमबारी तुरंत बंद करनी चाहिए। ट्रम्प का कहना है कि जब तक बमबारी जारी रहेगी, तब तक गाजा में फंसे बंधकों को सुरक्षित बाहर निकालना मुश्किल होगा।
इस बीच, फ़िलिस्तीनी संगठन हमास ने ट्रम्प की शांति योजना के कुछ हिस्सों को मान लिया है और कहा है कि वे बंधकों को रिहा करने को तैयार हैं। हालांकि, हमास ने यह भी साफ किया है कि यह रिहाई उनकी शर्तों के अनुसार होगी और अभी कई मुद्दों पर बातचीत बाकी है।
गाजा युद्ध और बंधकों का संकट

यह संकट अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ था, जब हमास ने इजरायल पर हमला करके कई लोगों को बंधक बना लिया था। जवाब में इजरायल ने गाजा पर लगातार बमबारी शुरू कर दी।
दो साल से ज्यादा समय से यह युद्ध चल रहा है। गाजा में हालात बेहद खराब हैं, हजारों लोग मारे गए, लाखों लोग घर छोड़कर भाग गए, अस्पतालों में दवाइयों की कमी है और आम जनता खाने-पीने की चीज़ों के लिए तरस रही है।
आज भी करीब 48 बंधक गाजा में मौजूद हैं। रिपोर्टों के अनुसार इनमें से लगभग 20 लोग अभी जिंदा हैं, बाकी की स्थिति साफ नहीं है।
ट्रम्प की शांति योजना
पिछले हफ्ते ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मिलकर एक 20 बिंदुओं वाली शांति योजना पेश की थी। इसके मुख्य बिंदु हैं:
- तुरंत युद्ध विराम (ceasefire)
- बंधकों की रिहाई और कैदियों का आदान-प्रदान
- धीरे-धीरे इजरायली सेना की गाजा से वापसी
- गाजा को हथियारों से मुक्त करना
- गाजा का प्रशासन एक तटस्थ पैनल या तकनीकी सरकार को देना
- अंतरराष्ट्रीय निगरानी और मदद
- गाजा का पुनर्निर्माण और राहत कार्य
लेकिन ट्रम्प ने साफ कहा था कि यह योजना तभी लागू होगी जब हमास पूरी तरह से हथियार छोड़ दे।
हमास की प्रतिक्रिया
हमास ने इस योजना को आंशिक रूप से स्वीकार किया है। उनका कहना है कि वे बंधकों को छोड़ने को तैयार हैं, लेकिन:
- 72 घंटे में सभी बंधकों को छोड़ना संभव नहीं है, क्योंकि कुछ मृत बंधकों के शव निकालने में समय लगेगा।
- गाजा को एक “तकनीकी पैनल” को सौंपना उन्हें मंजूर है, लेकिन यह पैनल अरब और इस्लामी देशों की सहमति से बने।
- हमास चाहता है कि इजरायल तुरंत गाजा से बाहर निकले।
- हथियार पूरी तरह से छोड़ने पर उन्होंने अभी हामी नहीं भरी है।
यानी हमास मान तो गया है, लेकिन कई शर्तों के साथ।
ट्रम्प का दबाव
ट्रम्प ने हमास को रविवार शाम 6 बजे (वॉशिंगटन समय) तक का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर हमास ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया तो “गंभीर नतीजे” होंगे।
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा:

“इजरायल को तुरंत गाजा पर बमबारी रोकनी चाहिए ताकि बंधकों को सुरक्षित निकाला जा सके।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि हमास अब “शांति के लिए तैयार” है और इस मौके को गंवाना नहीं चाहिए।
इजरायल का रुख
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्रम्प की योजना को मान लिया है, लेकिन शर्तों के साथ। इजरायल का कहना है कि:
- गाजा से सेना की वापसी धीरे-धीरे होगी।
- हमास को हथियार पूरी तरह छोड़ने होंगे।
- इजरायल की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
इजरायली सेना को आदेश दिया गया है कि वे तैयारी शुरू करें, लेकिन बमबारी पूरी तरह रुकी नहीं है। गाजा सिटी के कई इलाकों में अब भी हवाई हमले की खबरें हैं।
चुनौतियाँ और मुश्किलें
इस पूरी शांति प्रक्रिया में अभी कई बड़ी रुकावटें हैं:
- हथियार छोड़ने पर असहमति – हमास अभी तैयार नहीं है।
- इजरायली वापसी – हमास तुरंत वापसी चाहता है, इजरायल धीरे-धीरे।
- बंधकों की रिहाई – समय सीमा को लेकर विवाद है।
- अंतरराष्ट्रीय भूमिका – हमास नहीं चाहता कि गाजा पर बाहरी देशों का ज़्यादा हस्तक्षेप हो।
- भरोसे की कमी – दोनों पक्ष एक-दूसरे पर भरोसा नहीं कर रहे।
अंतरराष्ट्रीय दबाव
मिस्र और कतर पहले से ही मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देशों ने अपील की है कि सभी पक्ष समझौते को आगे बढ़ाएँ।
संयुक्त राष्ट्र ने भी कहा है कि यह मौका ऐतिहासिक हो सकता है और अगर इसे गंवाया गया तो आने वाले समय में गाजा का संकट और गहरा जाएगा।
बंधकों के परिवारों ने भी ट्रम्प के बयान का स्वागत किया और नेतन्याहू से अपील की कि वे जल्द से जल्द समझौता करें।
आगे की राह
अगर यह शांति योजना सफल होती है, तो गाजा युद्ध खत्म हो सकता है और बंधक सुरक्षित लौट सकते हैं। साथ ही, गाजा का पुनर्निर्माण शुरू होगा और लाखों लोगों को राहत मिलेगी।
लेकिन अगर किसी भी पक्ष ने पीछे हटकर समझौता तोड़ दिया, तो हालात और बिगड़ सकते हैं और हिंसा फिर से भड़क सकती है।
फिलहाल, पूरी दुनिया की निगाहें इस समझौते पर टिकी हैं। क्या ट्रम्प का दबाव काम करेगा? क्या हमास और इजरायल अपने मतभेद भुलाकर शांति के लिए राजी होंगे? इसका जवाब आने वाले दिनों में सामने आएगा।