स्थान: मसूरी, उत्तराखंड
उत्तराखंड की शांत पहाड़ियों में जब सुबह की पहली किरणें गिरती हैं, तो आमतौर पर प्रकृति मुस्कुराती है। लेकिन इस बार पहाड़ों ने सन्नाटा ओढ़ लिया है।
एक ओर लगातार हो रही भारी बारिश, दूसरी ओर भूस्खलन और सड़कों का टूटना, और अब एक ऐसा भयावह दृश्य सामने है जिसने सभी को हिला कर रख दिया है।
क्या हुआ है?
राज्यभर में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलधार बारिश ने तबाही का रूप ले लिया है।
- 15 लोगों की मौत हो चुकी है
- 16 लोग अब भी लापता हैं
- और करीब 3,000 पर्यटक मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में फंसे हुए हैं
सबसे खतरनाक स्थिति मसूरी में बनी हुई है, जहां सभी मुख्य सड़कें कट चुकी हैं और बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है।
सड़कें बंद, संचार टूटा
भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-707A समेत कई संपर्क मार्ग पूरी तरह टूट चुके हैं। मोबाइल नेटवर्क भी कई इलाकों में ठप है, जिससे फंसे हुए लोगों का संपर्क बाहर की दुनिया से टूट चुका है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
- ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से फंसे हुए लोगों की पहचान की जा रही है।
- प्राथमिक चिकित्सा और खाना पहुंचाने के लिए आपात शिविर लगाए गए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से परहेज करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।