Raksha Bandhan का सबसे शुभ समय कौन सा है?
Raksha Bandhan सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के उस रिश्ते का दिन है, जिसमें प्यार, अपनापन और एक-दूसरे की सलामती की दुआ छिपी होती है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उसके सुखी, स्वस्थ और लंबे जीवन की कामना करती हैं। वहीं भाई भी बहन की हर परिस्थिति में साथ देने और उसकी रक्षा का संकल्प लेता है।
इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। घरों में राखी, मिठाई और पूजा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। लेकिन त्योहार के बीच एक सवाल हर किसी के मन में रहता है
ज्योतिषाचार्य डॉ. गौरव कुमार दीक्षित के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। मान्यता है कि इस समय राखी बांधने से शुभता और सकारात्मकता बनी रहती है।
भाई को किस दिशा में बैठाएं?
राखी बांधते समय परंपराओं का भी खास ध्यान रखा जाता है। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है।
सबसे पहले बहन भाई को तिलक लगाए, फिर अक्षत लगाए और आरती करने के बाद उसकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधे। इसके बाद भाई अपनी बहन को उपहार देकर उसके सुख और खुशहाल जीवन की कामना कर सकता है।
इस समय राखी बांधने से बचें
रक्षाबंधन के दिन राहुकाल सुबह 10 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए अगर संभव हो तो इस अवधि में राखी बांधने से बचें।
यानी अगर आप शुभ मुहूर्त में राखी बांधना चाहते हैं, तो सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे के बीच का समय बेहतर माना गया है।
क्या चंद्र ग्रहण का रक्षाबंधन पर असर पड़ेगा?
इस बार रक्षाबंधन के दिन ही साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है। यह ग्रहण सुबह 8 बजकर 4 मिनट से 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा और इस दौरान चंद्रमा कुंभ राशि में स्थित रहेगा।
हालांकि, राहत की बात यह है कि यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसी वजह से भारत में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं माना जाएगा। ऐसे में ग्रहण के कारण भारत में रक्षाबंधन की पूजा या अन्य धार्मिक कार्यों पर कोई विशेष रोक नहीं रहेगी।
आखिर कब बांधें राखी?
अगर आप पंडित जी के बताए शुभ समय के अनुसार राखी बांधना चाहते हैं, तो 28 अगस्त की सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक का समय ध्यान में रख सकते हैं। वहीं 10:54 बजे से 12:28 बजे तक राहुकाल रहेगा, इसलिए इस दौरान राखी बांधने से बचने की सलाह दी गई है।
हालांकि, अलग-अलग स्थानों और पंचांगों के अनुसार मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए स्थानीय पंचांग या अपने परिवार के पंडित से समय की पुष्टि करना भी बेहतर रहेगा।
आखिर रक्षाबंधन का सबसे खूबसूरत हिस्सा सिर्फ मुहूर्त नहीं, बल्कि वह पल है जब बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और दोनों एक-दूसरे के साथ का भरोसा फिर से मजबूत करते हैं।