
धाराशिव, महाराष्ट्र: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के एक दिन बाद सांसद ओमप्रकाश राजेनिंबालकर के संसदीय क्षेत्र धाराशिव के लिए लगभग ₹18 करोड़ की विकास निधि मंजूर किए जाने से राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
हाल ही में राजेनिंबालकर उन छह सांसदों में शामिल थे जिन्होंने उद्धव ठाकरे गुट का साथ छोड़कर शिंदे गुट की शिवसेना का दामन थाम लिया। उनके इस राजनीतिक कदम के तुरंत बाद धाराशिव जिले की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए निधि मंजूर होने की खबर सामने आई, जिसने राजनीतिक गलियारों का ध्यान आकर्षित किया।
राजेनिंबालकर के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया। उनका तर्क है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ रहने से विकास परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने और सरकारी संसाधनों तक पहुंच बनाने में आसानी होती है।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) और विपक्षी नेताओं ने निधि मंजूरी के समय पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि राजनीतिक दल बदलने के तुरंत बाद विकास निधि स्वीकृत होना कई तरह के सवाल खड़े करता है। विपक्ष का कहना है कि सरकारी धन का आवंटन राजनीतिक निष्ठा के आधार पर नहीं बल्कि जनहित और आवश्यकता के आधार पर होना चाहिए।
इस मुद्दे ने महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे दल-बदल और सत्ता संघर्ष की बहस को और तेज कर दिया है। सत्तारूढ़ पक्ष इसे विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक लाभ और दबाव की राजनीति से जोड़कर देख रहा है।
हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच धाराशिव के नागरिकों की उम्मीद यही है कि मंजूर की गई निधि का उपयोग क्षेत्र के विकास, बुनियादी ढांचे के निर्माण और जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लिए प्रभावी ढंग से किया जाए।