केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीएसटी 2.0 और हाल ही में लागू किए गए जीएसटी सुधारों की जानकारी दी। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि जीएसटी 2.0 न केवल कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाएगा, बल्कि आम जनता और व्यापारियों के लिए राहत भी सुनिश्चित करेगा।
जीएसटी 2.0 के मुख्य उद्देश्य
निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी सुधारों का मुख्य उद्देश्य कर प्रणाली को डिजिटल, सरल और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने बताया:
“यह सुधार सिर्फ कर प्रणाली में बदलाव नहीं है, बल्कि भारत की आर्थिक मजबूती और डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
मुख्य बिंदु:
- छोटे व्यापारियों और एमएसएमई को राहत
- ऑनलाइन रिटर्न फाइलिंग को आसान बनाना
- फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी पर सख्त नियंत्रण
- राज्यों और केंद्र के बीच राजस्व संतुलन
प्रमुख सुधार और बदलाव
- सिंगल पोर्टल रिटर्न: अब व्यापारियों को अलग-अलग फॉर्म नहीं भरने होंगे। सभी रिटर्न एक ही पोर्टल से फाइल किए जा सकेंगे।
- सरल टैक्स स्लैब: जटिल टैक्स दरों को घटाकर 3,4 मुख्य स्लैब बनाए जाएंगे।
- रीयल टाइम इनवॉइस ट्रैकिंग: फर्जी इनवॉइस रोकने के लिए हर बिल ऑनलाइन मॉनिटर किया जाएगा।
- तेज रिफंड प्रक्रिया: विशेषकर एक्सपोर्टर्स और छोटे उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया 7,10 दिनों में पूरी होगी।
उद्योग और बाजार पर असर
- वाहन उद्योग में वृद्धि: सितंबर के अंतिम नौ दिनों में यात्री वाहनों की डिलीवरी 3.72 लाख, दोपहिया वाहनों की बिक्री 21.6 लाख, और तिपहिया वाहनों की डिलीवरी में 5.5% की वृद्धि हुई।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और एफएमसीजी क्षेत्र में बढ़ोतरी: टीवी की बिक्री में 30-35%, एयर कंडीशनर की बिक्री पहले दिन ही दोगुनी। स्मार्टफोन और वाशिंग मशीन जैसी वस्तुओं की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि।
- मूल्य में कमी: खाद्य मुद्रास्फीति में 4 महीने से लगातार गिरावट, जिससे आम जनता को राहत मिली।
मंत्रियों की प्रतिक्रियाएँ
- पीयूष गोयल:
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि जीएसटी सुधार उद्योग, व्यापार और आम जनता के बीच उत्साह पैदा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन बदलावों से छोटे और मध्यम उद्योगों को कम कागजी झंझट झेलना पड़ेगा और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। - अश्विनी वैष्णव:
आईटी मंत्री ने कहा कि डिजिटल प्रक्रिया और AI आधारित मॉनिटरिंग से फर्जी बिलिंग रोकी जाएगी। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बिक्री में 20–25% की वृद्धि हुई, जिससे उत्पादन और मांग दोनों को बढ़ावा मिला।
आम जनता के फायदे
- आवश्यक वस्तुओं, दवाइयों और शिक्षा क्षेत्र में कर बोझ कम
- ऑनलाइन और डिजिटल खरीदारी आसान
- व्यापारियों के लिए प्रक्रिया सरल और पारदर्शी
लागू होने की संभावित तारीख
सरकार ने संकेत दिया कि जीएसटी 2.0 को 2026 की शुरुआत में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है। इसके लिए संसद में विधेयक पेश किया जाएगा और जीएसटी काउंसिल की स्वीकृति ली जाएगी।