चांदी की कीमतों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है और दीवाली के करीब आने के साथ इसमें और तेज़ी आई है। निवेशकों की बढ़ती रुचि, अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति में कमी और औद्योगिक मांग में इजाफा—इन सभी कारणों से चांदी के दामों में उछाल जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी आगे भी बरकरार रह सकती है और आने वाले दिनों में कीमतें $65–$70 प्रति औंस तक जा सकती हैं।
बढ़ते दामों के मुख्य कारण:
निवेशकों की बढ़ती रुचि: आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर इंडेक्स की कमजोरी के कारण निवेशक सोने के बजाय अब चांदी की ओर रुख कर रहे हैं। 🔹 अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति में कमी: खनन उत्पादन घटने और अयस्क की गुणवत्ता में गिरावट से चांदी की सप्लाई पर असर पड़ा है। 🔹 औद्योगिक मांग में वृद्धि: इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर पैनल और आभूषण उद्योग में चांदी के बढ़ते उपयोग से इसकी मांग को और मजबूती मिली है। 🔹 दीवाली की मांग: भारत में त्योहारी सीजन के दौरान चांदी की खरीदारी बढ़ जाती है, जिससे खुदरा बाजार में दामों में उछाल आता है।
भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर प्रभाव:
भारत के सर्राफा बाजार में चांदी की दरें लगभग ₹88,000 प्रति किलो के आसपास पहुंच चुकी हैं, जो पिछले महीने की तुलना में करीब ₹4,000 अधिक है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतें $53 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर के करीब हैं।