उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ के बैनर और नारेबाजी के चलते हिंसा भड़क उठी। यह घटना शहर के रामगंज थाना क्षेत्र में हुई, जहाँ कुछ उपद्रवियों ने सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और कई वाहनों को आग के हवाले किया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि 10 पुलिसकर्मी घायल हुए। मौके पर पहुंची अतिरिक्त पुलिस और आरपीएफ की टीम ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कड़ा संदेश
घटना के अगले दिन शनिवार को लखनऊ में आयोजित ‘विकसित उत्तर प्रदेश विजन 2047’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कल बरेली में एक मौलाना भूल गया था कि राज्य में सत्ता किसकी है।” उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मौलाना तौकीर रजा खान ने प्रशासन को चुनौती दी और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास किया।
सीएम योगी ने आगे कहा, “हमने 2017 के बाद से दंगाइयों को सख्त सजा दी है। अब कोई भी इस प्रकार की हिंसा नहीं कर पाएगा। जो लोग कानून को चुनौती देंगे, उन्हें उसी भाषा में जवाब मिलेगा।” उन्होंने कहा कि यह सबक आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मिसाल बनेगा।
सीएम ने पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले दंगाइयों और माफियाओं को संरक्षण दिया जाता था। उन्होंने जोर देकर कहा, “हमने बुलडोजर चलाकर माफिया राज को समाप्त किया और प्रदेश को विकास की राह पर अग्रसर किया है।”
मौलाना तौकीर रजा खान की नजरबंदी
बरेली पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा खान को नजरबंद किया। उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मौलाना ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें नमाज के लिए बाहर जाने से रोका और उनकी लोकेशन का पता चलते ही अधिकारियों ने उनके घर पहुंचकर उन्हें हिरासत में ले लिया।
पुलिस का कहना है कि यह कदम शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को सुरक्षित करने के लिए जरूरी था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर में जल्द ही अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई थी और तनाव फैलने से पहले ही नियंत्रण कर लिया गया।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों ने इस घटना को लेकर चिंता जताई। कुछ लोगों का कहना था कि “यह घटना शहर में शांति और सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकती थी। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से स्थिति संभली।” वहीं, कुछ युवाओं ने सोशल मीडिया पर विरोध जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय और सुरक्षा की जरूरत है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और मीडिया कवरेज
राजनीतिक दलों ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। योगी सरकार के समर्थकों ने मुख्यमंत्री के कदम की सराहना की और कहा कि “प्रदेश में अब किसी को भी कानून तोड़ने की इजाजत नहीं है।” विपक्षी दलों ने कुछ मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई की आलोचना की, लेकिन उन्होंने भी हिंसा की निंदा की।
मीडिया कवरेज में यह बात उभरकर आई कि बरेली घटना ने पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को चुनौती दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक उत्सव और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान संवेदनशीलता बनाए रखना जरूरी है, अन्यथा ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आ सकती हैं।
सीएम योगी का संदेश स्पष्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना के बाद स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में किसी भी व्यक्ति या समूह को कानून से ऊपर नहीं समझा जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारे राज्य में किसी को भी हिंसा फैलाने की छूट नहीं है। जो लोग कानून को चुनौती देंगे, उन्हें तुरंत निपटाया जाएगा।” योगी ने यह भी कहा कि प्रशासन ने इस घटना से सबक लिया है और भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैयार है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखें।
बरेली की यह घटना प्रदेश में धार्मिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती पेश करती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गंभीरता से लिया और स्पष्ट किया कि दंगाइयों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने मौलाना तौकीर रजा खान को नजरबंद किया और शहर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए।
यह घटना याद दिलाती है कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं के बीच संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है। भविष्य में ऐसे मामलों से निपटने के लिए सरकार और प्रशासन सतर्क हैं, और राज्य में कानून और व्यवस्था कायम रखने के लिए सभी प्रयास जारी रहेंगे।