26 सितम्बर 2025।
एशिया कप 2025 के सुपर 4 चरण में भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं रहा। यह मैच न केवल उच्चस्तरीय बल्लेबाजी और गेंदबाजी का गवाह बना, बल्कि आखिरी ओवर तक सांसें थाम देने वाला रोमांच भी लेकर आया। 20-20 ओवर के खेल के बाद दोनों टीमें 202-202 रन पर बराबरी पर रहीं और मैच का फैसला सुपर ओवर में हुआ। वहाँ भारतीय गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने अपनी निडर गेंदबाजी से श्रीलंका को ढेर कर दिया और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर भारत को शानदार जीत दिलाई।
भारत की पारी: अभिषेक शर्मा की आतिशी बल्लेबाज़ी
टॉस जीतकर श्रीलंका ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत के लिए ओपनिंग करने आए अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल।
- अभिषेक शर्मा ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने केवल 31 गेंदों में 61 रन बनाए, जिसमें चौके और छक्कों की आतिशबाज़ी देखने को मिली। उनकी इस तेज़ पारी ने भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।
- दूसरी ओर शुभमन गिल लंबी पारी नहीं खेल सके। वे केवल 4 रन बनाकर आउट हो गए। उनका विकेट महीश तीक्षणा ने शानदार कैच पकड़कर लिया।
मध्य क्रम का संघर्ष और योगदान
गिल के जल्दी आउट होने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव मैदान पर उतरे। सभी की निगाहें उन पर थीं कि वे बड़ी पारी खेलेंगे, लेकिन वे केवल 12 रन बनाकर आउट हो गए। इससे टीम थोड़े दबाव में आ गई।
हालांकि, इसके बाद तिलक वर्मा और संजू सैमसन ने मोर्चा संभाला।
- तिलक वर्मा ने नाबाद 49 रन बनाए। उनकी पारी संतुलित थी, जहां ज़रूरत पड़ी वहां बड़े शॉट, और दबाव के समय स्ट्राइक रोटेट करना।
- संजू सैमसन ने 23 गेंदों पर 39 रन बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी ने स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया।
नीचे के क्रम में हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल ने भी टीम को अंत में 200 से ऊपर पहुँचाने में मदद की। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 202 रन बनाकर 5 विकेट खोए।
श्रीलंका की पारी: निस्संका का शतक
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत शानदार रही। पथुम निस्संका और कुसल परेरा ने भारतीय गेंदबाजों पर अटैक किया।
- निस्संका ने अपने करियर की सबसे यादगार पारी खेली। उन्होंने 107 रन बनाए और मैदान पर लगभग अंत तक डटे रहे। उनकी बल्लेबाज़ी तकनीक और आत्मविश्वास देखने लायक था। उन्होंने स्पिन और पेस दोनों के खिलाफ सहजता से रन बनाए।
- उनके साथ कुसल परेरा ने भी 58 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली। उनकी पारी में चौकों-छक्कों की बरसात हुई।
इन दोनों ने मिलकर भारत के गेंदबाजों को मुश्किल में डाल दिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका आसानी से लक्ष्य हासिल कर लेगा।
भारतीय गेंदबाज़ों का संघर्ष
भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में विकेट निकालने की कोशिश की, लेकिन निस्संका और परेरा की साझेदारी ने खेल का रुख बदल दिया।
- हार्दिक पांड्या ने अपने स्पैल में कुसल मेंडिस का महत्वपूर्ण विकेट झटका।
- वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव ने बीच के ओवरों में रन रोकने और विकेट निकालने का प्रयास किया।
- अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने तेज़ गेंदबाज़ी से दबाव बनाने की कोशिश की।
फिर भी, निस्संका का शतक और परेरा की पारी श्रीलंका को अंतिम ओवर तक मैच में बनाए रखी।
अंतिम ओवर का रोमांच: मैच टाई

20वें ओवर में श्रीलंका को जीत के लिए कुछ ही रन चाहिए थे। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी कर दी।
- निस्संका आखिरी तक डटे रहे लेकिन अन्य बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके।
- आखिरी गेंद पर श्रीलंका को जीत के लिए चौका चाहिए था, लेकिन केवल दो रन ही बन पाए।
इस तरह श्रीलंका ने भी 202 रन बनाए और मैच टाई हो गया।
सुपर ओवर: अर्शदीप का जलवा

मैच का फैसला सुपर ओवर में हुआ। पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका।
- अर्शदीप सिंह ने कमाल की गेंदबाजी की। उन्होंने पहले ही गेंद पर विकेट लिया और अगली गेंद पर भी बल्लेबाज को पवेलियन भेज दिया।
- नतीजा यह रहा कि श्रीलंका केवल 2 रन ही बना पाई।
अब जीत के लिए भारत को 3 रन चाहिए थे।
सूर्यकुमार यादव का विजयी शॉट
भारत की ओर से सुपर ओवर में बल्लेबाजी करने आए कप्तान सूर्यकुमार यादव।
- उन्होंने पहली ही गेंद पर रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
- इस तरह भारत ने सुपर ओवर में आसानी से जीत दर्ज की।
नतीजा और खास बातें
- भारत पहले ही फाइनल में जगह बना चुका था, जबकि श्रीलंका टूर्नामेंट से बाहर था। इसलिए यह मैच “डेड रबर” कहलाया, लेकिन मैदान पर जो हुआ उसने इसे टूर्नामेंट का सबसे रोमांचक मैच बना दिया।
- पथुम निस्संका का शतक भले ही हार में बदल गया, लेकिन उन्होंने दिखा दिया कि वे श्रीलंका के भविष्य के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं।
- भारत के लिए अभिषेक शर्मा की अर्धशतकीय पारी और अर्शदीप सिंह का सुपर ओवर प्रदर्शन मैच के हीरो साबित हुए।
यह मुकाबला इस बात का उदाहरण था कि क्रिकेट क्यों “जेंटलमैन गेम” ही नहीं बल्कि “गेम ऑफ अनसर्टेनिटी” भी कहलाता है। अंतिम गेंद तक रोमांच, फिर सुपर ओवर का ड्रामा और आखिरकार भारत की जीत , इस मैच ने दर्शकों को ऐसा अनुभव दिया जिसे लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकेगा।