राजद (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के सरकारी आवास के बाहर आज मखदुमपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। लोगों की एक ही मांग थी, “सतीश कुमार को दोबारा टिकट न दिया जाए।
क्या हुआ घटना स्थल पर
सुबह से ही मखदुमपुर क्षेत्र के सैकड़ों लोग पटना पहुंचे। सभी राबड़ी देवी के 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास के बाहर जमा हो गए।
लोगों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लिए नारेबाजी की,
“जनता त्रस्त है – विधायक भ्रष्ट है!”
“सतीश कुमार को टिकट नहीं चाहिए!”
भीड़ इतनी बढ़ गई कि मौके पर पुलिस बल को बुलाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हैं, लेकिन अगर पार्टी ने उनकी आवाज़ नहीं सुनी तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।
लोगों का आरोप क्या है?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राजद विधायक सतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया।
लोगों ने आरोप लगाया कि,
- सड़कों और विकास कार्यों का हाल बद से बदतर है।
- गरीबों की योजनाओं में गड़बड़ी और पक्षपात हुआ है।
- जनता के बीच अब विधायक की पकड़ बिल्कुल कमजोर हो चुकी है।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा,
“लालू जी और राबड़ी जी हमारी बात सुने। अगर सतीश कुमार को टिकट मिला, तो मखदुमपुर की जनता राजद को सबक सिखाएगी।”
राजनीतिक पृष्ठभूमि
मखदुमपुर विधानसभा सीट जहानाबाद जिला में आती है और यह अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए आरक्षित सीट है।
सतीश कुमार इस सीट से राजद के वर्तमान विधायक हैं।
यह वही क्षेत्र है जहाँ पहले जितन राम मांझी और हम (Hindustani Awam Morcha) का भी मजबूत प्रभाव रहा है।
अब आने वाले चुनाव से पहले राजद के भीतर ही टिकट बंटवारे को लेकर विरोध की आवाजें उठने लगी हैं।
पार्टी नेतृत्व पर दबाव
लोगों की मांग है कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी व्यक्तिगत रूप से इस मामले में दखल दें और किसी नए, साफ-सुथरे और लोकप्रिय उम्मीदवार को मौका दें।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सतीश कुमार को टिकट दिया गया, तो मखदुमपुर में राजद का विरोध आंदोलन शुरू हो जाएगा।
सियासी असर
यह विरोध प्रदर्शन राजद के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है।
चुनाव से पहले पार्टी को अपने ही कार्यकर्ताओं और जनता की नाराजगी झेलनी पड़ रही है।
अगर यह असंतोष बढ़ा, तो इसका असर न सिर्फ मखदुमपुर बल्कि आसपास की सीटों पर भी पड़ सकता है।
राजद नेतृत्व अब एक कठिन स्थिति में है,
क्या वे पुराने विधायक सतीश कुमार पर भरोसा दोहराएंगे,
या जनता की मांग मानकर किसी नए चेहरे को मौका देंगे?
फिलहाल लालू-राबड़ी आवास के बाहर हुआ यह विरोध यह साफ कर गया है कि मखदुमपुर की जनता अब बदलाव चाहती है।